Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

"चिरायु" योजना से बेमेतरा के सैकड़ों बच्चों को मिला नया जीवन,हृदय रोग से ग्रसित 6 गंभीर रोगियों का राज्य से बाहर निःशुल्क इलाज


 "चिरायु" योजना से बेमेतरा के सैकड़ों बच्चों को मिला नया जीवन,हृदय रोग से ग्रसित 6 गंभीर रोगियों का राज्य से बाहर निःशुल्क इलाज


बेमेतरा 21 मई 2026
/-   स्वास्थ्य विभाग जिला बेमेतरा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम "चिरायु" योजना के माध्यम से बेमेतरा जिले में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, बीमारियों की प्रारंभिक पहचान एवं निःशुल्क उपचार कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ अमृत लाल रोहलेडर के मार्गदर्शन एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री लता बंजारे के सक्रियता में सतत रूप से किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बेमेतरा  ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में "4D" अर्थात जन्मजात दोष (Defects at Birth), बीमारी (Diseases), पोषण संबंधी कमियों (Deficiencies) और विकासात्मक समस्याओं एवं विकलांगता (Developmental Delays & Disabilities) की समय पर पहचान कर समुचित उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराना है।

जिले में 9 चिरायु दलों का संचालन  सहायक जिला नोडल अधिकारी डॉ ऋषभ शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में बेमेतरा जिले में कुल 9 चिरायु दल प्रत्येक विकासखण्ड में दो एवं शहरी क्षेत्र में एक सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक दल में 1 पुरुष चिकित्सक, 1 महिला चिकित्सक, 1 फार्मासिस्ट तथा 1 ए.एन.एम. सम्मिलित हैं। इन प्रशिक्षित मोबाइल हेल्थ टीमों द्वारा प्रतिवर्ष जिले के 1300 शासकीय विद्यालयों के 1लाख 45 हजार विद्यार्थियों एवं 1200 आंगनबाड़ी केंद्रों के 61 हजार 311 बच्चों में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कर बच्चों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

दो वर्षों में 163 बच्चों को मिला लाभ

चिरायु दलों द्वारा किए गए कार्यों का विवरण निम्नानुसार है:
क्र. बीमारी/जन्मजात दोष सत्र 2024-25 सत्र 2025-26
1 कटे-फटे होंठ एवं तालु 15 - 7
2 मुड़े हुए पैर 13 - 3
3 जन्मजात मोतियाबिंद 4 - 6
4 जन्मजात बधिरता 7 - 4
5 जन्मजात हृदय रोग 60 - 43
6 न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट - 1
*कुल* *99* *64*

गंभीर रोगियों का राज्य से बाहर निःशुल्क इलाज

जटिल जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित कुल 06 बच्चों का इलाज राज्य शासन एवं राज्य नोडल एजेंसी के माध्यम से राशि स्वीकृत कराकर राज्य से बाहर के उच्च स्तरीय अस्पतालों में करवाया गया है।

प्रमुख सफल प्रकरण:

1. कमल वर्मा, उम्र 15 वर्ष, ग्राम मंजगांव, जटिल जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित था। बच्चे का इलाज अपोलो चिल्ड्रन्स हॉस्पिटल, चेन्नई में करवाया गया, जिसके लिए दो चरणों में लगभग 8 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई।
2. लक्ष्मी साहू, उम्र 14 वर्ष, ग्राम पेंड्रीतरई, जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित थी। बच्ची का सफल इलाज बालाजी हॉस्पिटल, रायपुर में करवाया गया।
3. चिरायु योजना के माध्यम से जन्मजात बधिरता के 3 बच्चों कंचन वर्मा निवासी - भैंसा (बेमेतरा), रिहान सिंह निवासी - दोहतरा (नवागढ़) और पांशुल शर्मा निवासी - सांकरा (बेरला) का कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक एम्स रायपुर में करवाया गया।
4. युभांश वर्मा, उम्र 4.5 माह, सुवरतला, जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित था। बच्चे का इलाज राज्य से बाहर करवाया गया, जिसके लिए 6.5 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की गई।

सीएमएचओ बेमेतरा ने जिले वासियों से अपील की है कि यदि उनके आसपास 0 से 18 वर्ष तक का कोई बच्चा जन्मजात रोग या विकृति से ग्रसित है तो वे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या चिरायु दल से संपर्क कर निःशुल्क जांच एवं उपचार का लाभ लें।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |