महतारी वंदन योजना से वंचित प्रदेश के सभी महिलाओं को लाभ दिलाने व चुनावी वादे को पूर्ण करें राज्य सरकार-शिवसेना
June 29, 2026
महतारी वंदन योजना से वंचित प्रदेश के सभी महिलाओं को लाभ दिलाने व चुनावी वादे को पूर्ण करें राज्य सरकार-शिवसेना
कांकेर, शिवसेना प्रदेश सचिव महेश वासुदेव दुबे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा प्रदेश में लागू महतारी वंदन योजना महिला सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक सराहनीय कदम है। हम राज्य सरकार की इस लोक हितैषी पहल का स्वागत करते हैं। किंतु यहां अत्यंत महत्वपूर्ण है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र (मोदी की गारंटी) में राज्य की सभी पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रूपए देने का वादा किया था। वर्तमान में भी एक बड़ी संख्या में विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यकता महिला इस योजना के लाभ से वंचित है। शिवसेना आज राज्य सरकार के महतारी वंदन योजना के वर्तमान क्रियान्वयन पर गहरी निराशा और रोष व्यक्त करती है चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा 'मोदी की गारंटी' के रूप में प्रदेश की हर महिला को इस योजना का लाभ देने का वादा किया गया था। परंतु जमीनी स्तर पर यहां देखने में आ रहा है की कड़े नियमों और पात्रता शर्तों के कारण बड़ी संख्या में पात्र माताएं और बहनें इस लाभ से वंचित हो रही हैं। उन्होंने इस विसंगति पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि चुनाव के समय सभी महिलाओं को आर्थिक संबल देने का जो वादा किया गया था, वह अधूरा रह गया है। सरकार को बिना किसी भेदभाव के सभी महिलाओं को इस योजना के दायरे में लाना चाहिए। विदित हो कि जो माताएं और बहने पहले से ही सामाजिक सहायता सुरक्षा, निराश्रित पेंशन योजना, (जैसे- वृध्दावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, इत्यादि) का लाभ प्राप्त कर रही है उन्हें नियम के तहत् केवल शेष अंतर (बैलेंस राशि)का ही भुगतान किया जा रहा है। निराश्रित/विधवा पेंशन पाने वाली बुजुर्ग महिलाओं को मिलने वाली 500 रूपए की पुरानी पेंशन राशि को अलग से देने के बजाय, उसे महतारी वंदन योजना के 500 रुपए में जोड़कर कुल 1000 रूपए दिए जाने को लेकर आपत्ति जताई है। और कहां है कि राज्य की सबसे जरूरतमंद और बुजुर्ग महिलाओं को 1000 रुपए अलग से मिलने चाहिए थे, उन्हें पुरानी पेंशन काट कर और जोड़-घटाव करके कुल 1000 रूपए दिए जा रहे हैं जो प्रदेश के महिलाओं के साथ धोखा है। और केवाईसी व ऑनलाइन प्रक्रिया की आड़ में महतारी वंदन योजना के लाभान्वित पात्र महिलाओं के साथ सरकार भेदभाव कर छलावा करने का काम कर रही है। तकनीकी साक्षरता के अभाव और डिजिटल डिवाइड के कारण प्रदेश के हजारों पात्र गरीब और ग्रामीण माताएं बहनें को इस योजना के लाभ से वंचित होना पड़ रहा है जो सीधे तौर पर उनके अधिकारों का हनन है। श्री दुबे ने आगे कहा योजना के तहत् ई- केवाईसी की अनिवार्यता और आधार व बैंक खातों में नाम की त्रुटियां जैसे तकनीकी अड़चनों ने गरीब महिलाओं की राह में गहरी खाई पैदा कर दी है। गांव - देहात में रहने वाली महिलाओं के पास स्मार्टफोन, इंटरनेट, कनेक्टिविटी या सीएससी केंद्रों तक पहुंचने के साधन नहीं है। प्रदेश में डिजिटल साक्षरता का अभाव है और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, सर्वर डाउन तथा आधार वेरिफिकेशन की भारी समस्याएं हैं। इसके परिणाम स्वरुप प्रदेश के लाखों पात्रता महिलाओं का नाम सूची से कट जाना और उनके खातों में राशि का ट्रांसफर रुकना सरकारी लापरवाही का जीता - जागता प्रमाण है केवाईसी कि यहां जटिल बाध्यता सुदूर वनांचल और ग्रामीण महिलाओं के साथ एक तरह का सामाजिक और आर्थिक भेदभाव है ऑनलाइन सुविधा उनके लिए एक वरदान के बजाय, आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न का कारण बन गई हैं। शिवसेना राज्य सरकार से पूरजोर मांग करते हैं कि चुनावी संकल्प के अनुरूप सभी छुटी हुई पात्र महिलाओं को भी इस योजना के दायरे में शामिल किया जाएं, योजना के जटिल पात्रता शर्तों और नियमों में ढील दी जाएं, जिससे कोई भी जरूरतमंद महिला इससे वंचित न रहे, छुटी हुई सभी महिलाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाकर फिर से फॉर्म लिए जाएं, नियम में संशोधन करते हुए महतारी वंदन योजना की 1000 रुपए की राशि को पहले से प्राप्त हो रही अन्य पेंशन राशि के साथ मर्ज (समायोजित) ना किया जाएं, योजना का मूल उद्देश्य महिलाओं को अतिरिक्त वित्तीय संबल प्रदान करना है। महतारी वंदन की संपूर्ण राशि अन्य प्राप्त होने वाली पेंशन के अतिरिक्त अलग से प्रदान की जाएं, जब तक केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी पात्र महिला की मासिक सहायता राशि बंद ना की जाएं, तकनीकी खामियों या डुप्लीकेट के नाम पर बाहर की गई, सभी गरीब महिलाओं को योजना में पुनः जोड़ा जाएं,यदि राज्य सरकार महिलाओं के साथ हो रहे इस भेदभाव को समाप्त नहीं करतीं हैं तो आने वाले समय में प्रदेश के महिलाएं व शिवसेना इस जन विरोधी नीति के खिलाफ सड़कों पर उतर कर जनआंदोलन प्रारंभ करेगा।

