नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार सुबह युवाओं के प्रणेता स्वामी विवेकानंद का याद करते हुए उनके विचारों की युवाओं के लिए महत्वता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा अपने जोश, ऊर्जा और जुनून के बल पर हर संकल्प को साकार करने की क्षमता रखते हैं। स्वामी विवेकानंद का यह दृढ़ विश्वास था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र-निर्माण की सबसे सशक्त आधारशिला है।
पीएम मोदी ने युवाओं से किया यह आह्वान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज का युवा आत्मविश्वास, नवाचार और परिश्रम के माध्यम से देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा, तकनीक और सेवा के क्षेत्र में योगदान दें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में संस्कृत श्लोक का भी उल्लेख किया।
युवाओं की आत्मनिर्भर और विकसित भारत निर्माण में निर्णायक भूमिका
प्रधानमंत्री ने कहा कि दृढ़ संकल्प वाले वीर के लिए सीमित साधन भी विशाल बन जाते हैं और कठिनाइयां अवसर में परिवर्तित हो जाती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का युवा इसी संकल्प के साथ आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएगा।

