अपूर्ण एवं अप्रारंभ आवासों में तेजी लाने के दिए सख्त निर्देश
श्री चंद्राकर ने समीक्षा के दौरान पाया कि कई ग्राम पंचायत सचिव आवास निर्माण कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। आवासों के स्थल निरीक्षण, निर्माण कार्याें की मॉनिटरिंग तथा हितग्राहियों को आवास बनाने के लिए प्रेरित नहीं करने की लापरवाही पाई गई। इसके अलावा कुछ ग्राम पंचायत सचिव बिना पूर्व सूचना के बैठक में अनुपस्थित पाए गए, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए ऐसे सभी सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिवों को सख्ती के साथ निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीणों के लिए स्वीकृत आवास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायतवार विस्तृत समीक्षा की गई। जिसके तहत अपूर्ण आवासों के निर्माण कार्य को शीघ्र गति देने तथा अभी तक प्रारंभ नहीं हुए आवासों में तत्काल कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है और इस दिशा में सभी सचिवों को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
श्री चंद्राकर ने आवास निर्माण हेतु आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। सेंट्रिंग प्लेट, ईंट, सीमेंट, रेत एवं अन्य निर्माण सामग्रियों के साथ-साथ मिस्त्रियों की व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश दिए गए ताकि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। सभी सचिवों को यह भी कहा गया कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करें और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दें। बैठक में उपस्थित जनपद पंचायत के सीईओ एवं विकासखण्ड समन्वयक, पीएमएवाई-जी को भी आवासों की निरंतर मॉनिटरिंग करने एवं प्रगति की अद्यतन रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की वर्तमान स्थिति पर निगरानी मजबूत करने से कार्य में पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने सभी सचिवों को योजनाओं के लक्ष्य समय पर पूरा करने, हितग्राहियों से सतत संपर्क बनाए रखने तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी पात्र परिवारों को समय पर आवास उपलब्ध कराना ही सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

