एक मांग एक मंच अभियान का प्रदर्शन, एक तीर कई निशाने - विद्याभूषण दुबे
*पांच मांगों को लेकर एक मांग एक मंच अभियान का प्रदर्शन शुक्रवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रदर्शन का सरकार पर कितना असर पड़ता है यह तो अक्टूबर माह में पता चलेगा । बहरहाल श्री अटेरिया के नेतृत्व प्रदर्शन के कई मायने निकाले जा रहे हैं।*
*प्रदर्शन ने प्रदर्शित कर दिया कि- - - -*
*● इंद्रावती भवन में पदस्थ करन सिंह अटेरिया और जितेंद्र सिंह ठाकुर ने साबित कर दिया कि भवन में कई धाकड़ लोग हैं जो इंद्रावती भवन के सामने प्रदेश भर के कर्मचारियों का प्रदर्शन कराने में सक्षम है।*
*●छग कर्मचारी जगत के इतिहास में पहली बार नियमित कर्मचारी- पेंशनर - अनियमित कर्मचारी और नगरीय निकाय के कर्मचारियों के द्वारा संयुक्त प्रदर्शन किया गया*
*● प्रदर्शन में उपस्थित डॉ डी पी मनहर, जयनारायण श्रीवास्तव, आर के थवाईत, चंद्रिका सिंह, अनिल शुक्ला और ओ पी शर्मा ने साबित कर दिया कि अब पेंशनर भी अपने अधिकार के लिए जाग चुके हैं और कभी भी अपने दम पर अपने अधिकार के लिए सड़कों में उतर सकते हैं*
*●नगरीय निकाय संगठन के प्रांत अध्यक्ष शरद दुबे की उपस्थिति ने सबको चौंका दिया। बताया जाता है कि उन्हें तथाकथित एक बड़े कर्मचारी नेता प्रदर्शन में शामिल नहीं होने के लिए फोन पर लगातार मनाते रहे*
*★कहा तो यह भी जाता है कि प्रदर्शन से घबराकर कतिपय लोग पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग किए थे.*
*●मंत्रालय के युवा तुर्क महेंद्र सिंह राजपूत Ex अध्यक्ष के द्वारा बहुत ही ओजस्वी संबोधन किया गया। श्री राजपूत के संबोधन पर प्रदर्शनकारी देर तक ताली बजाते रहे*
*◆अनिल पांडेय के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों और गोपाल साहू के नेतृत्व में अनियमित कर्मचारियों की उपस्थिति ने प्रदर्शन को नई ऊंचाई दी*
*चलते चलते*
*🌳इंद्रावती भवन में कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों की प्रदर्शन में उपस्थिति हमेशा की तरह कम रही।*
*🌳इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रदर्शन की जानकारी पूरे प्रदेश के कोने कोने तक पहुचाने में गोपाल साहू ने मुख्य भूमिका निभाई*
*🌳प्रदर्शन के रणनीतिकार बेहतरीन फोटो और विडियो के लिए तरसते रहे*
*🌳राजधानी रायपुर के समाचार पत्रों के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों के पत्रकारों ने प्रदर्शन से संबंधित समाचारों को प्रमुखता से प्रकाशित किया*
*विद्याभूषण दुबे*
8821049149
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