बाघ संरक्षण में वन विभाग की भूमिका एवं सामूहिक सहभागिता पर दिया जोर
गरियाबंद 17 जनवरी 2026/ वन्यजीव संरक्षण के अंतर्गत बाघ गणना कार्य को प्रभावी ढंग से संपादित करने के लिए आज वनमंडल स्तर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वनमंडलाधिकारी श्री शशिगानंदन के, उप वनमंडलाधिकारी श्री मनोज चन्द्राकर, श्री राकेश चौबे, श्री विकास चन्द्राकर, सहायक संचालक यूएसटीआर श्री जगदीश दर्राे सहित वन परिक्षेत्र वनमंडल के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के ऋतु प्रजापति द्वारा बाघ गणना की नवीनतम पद्धतियों, फिल्ड डाटा संग्रहण, कैमरा ट्रैपिंग, ट्रैक एवं साइन सर्वे, एम-स्ट्राइप्स एप के उपयोग तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से आंकड़ों के विश्लेषण संबंधी विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बाघों की पहचान, उनके आवास, संरक्षण की चुनौतियों तथा गणना प्रक्रिया में सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही बाघ संरक्षण में वन विभाग की भूमिका एवं सामूहिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया। वनमंडलाधिकारी श्री शशिगानंदन ने कहा कि बाघ गणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिससे वन्यजीव संरक्षण की रणनीतियाँ सुदृढ़ होती हैं। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम फिल्ड कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होते हैं। कार्यशाला का उद्देश्य बाघ गणना कार्य को पारदर्शी, सटीक एवं वैज्ञानिक तरीके से संपन्न कराना है।

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