जिले में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
January 20, 2026
जिले में राष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजितस्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर छात्राओं को विस्तृत जानकारी देकर आत्मनिर्भरता का दिया गया संदेश
एनीमिया परीक्षण, प्रेरक विचार, शपथ ग्रहण एवं बाल विवाह उन्मूलन के माध्यम से बालिकाओं में बढ़ाई गई जागरूकता
गरियाबंद 20, जनवरी 2025/ जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अशोक पाण्डेय एवं बाल संरक्षण अधिकारी श्री अनिल द्विवेदी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजिम तथा शासकीय हाई स्कूल मौहाभाटा में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता की। इस दौरान छात्राओं का एनीमिया परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य विभाग की एएनएम एवं सुपरवाइजर द्वारा बताया गया कि किशोरावस्था में एनीमिया एक गंभीर समस्या है, जिसे समय रहते पहचान कर उचित पोषण एवं उपचार से नियंत्रित किया जा सकता है। छात्राओं को आयरन एवं फोलिक एसिड टैबलेट तथा कैल्शियम सप्लीमेंट के नियमित सेवन के लाभों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही बालिकाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा के महत्व तथा विभागीय योजनाओं से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए गए एवं नारों के माध्यम से बालिका सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। महिला सशक्तिकरण हब से उपस्थित जेंडर विशेषज्ञ ने कहा कि बालिका समाज की रीढ़ है और उन्हें समान अवसर, सुरक्षा एवं शिक्षा देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू बाल विवाह उन्मूलन रहा, जिसके अंतर्गत सभी बालिकाओं को बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, स्वास्थ्य विभाग की टीम, महिला सशक्तिकरण हब के जेंडर विशेषज्ञ एवं वित्तीय साक्षरता समन्वय विशेषज्ञ तथा सखी वन स्टॉप सेंटर के पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति रही।

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